अखण्ड भारत
→ हमारा भारत अखण्ड भारत था । सबसे पहले 1893 में डुरंड लाइन खिंच दी गई और अफगानिस्तान अलग हो गया यह अखण्ड भारत का पहला टुकड़ा था ।
→ अखण्ड भारत का दूसरा टुकड़ा → 1935 में म्यांमार (बर्मा) अलग हो गया।
→ अखण्ड भारत का तीसरा टुकड़ा पाकिस्तान 1947 में अलग हो गया। पाकिस्तान का विभाजन मुस्लिम जनसंख्या पर हुआ था। एक ओर पूर्वी पाकिस्तान और एक और पश्चिमी पाकिस्तान हो गया। बाद में पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश बन गया।
रेडक्लिप रेखा जो भारत-पाकिस्तान को अगल करती है और भारत बांग्लादेश के बीच बॉर्डर को Zero line से जानते हैं।
→ अंग्रेजों ने देशी रियासत को 3 विकल्प दिया- 1. पाकिस्तान में मिल जायें। 2. भारत में मिल जायें। 3. स्वतन्त्र देश बना लें।
→ जब देश आजाद हुआ तो भारत में 552 से अधिक देशी रियासत थी। 552 देशी रियासतों को मिलाकर Federation बनाना संभव नहीं था। इसलिए सरदार पटेल को जिम्मेदारी दी गई थी कि इसे मिलाकर Union बनाइए। इस काम में तीन लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका थी - (1) सरदार पटेल (2) V. P. मेनन और (3) माउंट बेटेन इन लोगों ने सभी राज्यों को भारत में विलय करा दिया किन्तु तीन राज्य भारत में विलय के लिए तैयार नहीं थे-
1. हैदराबाद → हैदराबाद के निजाम हैदराबाद को पाकिस्तान में मिलाना चाहते थे किन्तु सरदार पटेल ने पुलिस कि वर्दी में सेना भेजा जिसे आपरेशन पोलो कहा गया इसी के तहत हैदराबाद को भारत में मिला लिया गया।
2. जूनागढ़ → यह गुजरात का एक रियासत था जो पाकिस्तान में जाना चाहता था, किन्तु सरदार पटेल ने जनमत संग्रह कराकर (Referendom) उसे भारत में मिला दिया।
3. जम्मू काश्मीर →यहाँ की जनता मुस्लिम थी लेकिन राजा हिन्दु हरि सिंह थे। उन्होंने कहा कि हम न भारत में रहेंगे नहीं पाकिस्तान में रहेंगे। हम स्वतंत्र देश बनाएंगे तबतक पाकिस्तान ने आतंकवादियों का घुसपैठ करा दिया। जब हरि सिंह को लगा कि अब हम नहीं बचेंगे तब हरि सिंह नेहरू के पास आए और सरदार पटेल ने 26 अक्टूबर, 1947 को विलय पत्र पर हस्ताक्षर कराकर भारत का अंग बना लिया।
इन सभी देशी रियासतों को मिलाकर एक भारत का निर्माण किया गया। इस भारत को चार राज्यों (A, B, C, D) में बाँटा गया।
1. A →(British Provience) → वह राज्य जहां अंग्रेजों का शासन था (9) ।
2. B →(Princely State) →वह राज्य जहां देशी रियासतों का शासन था (9)।
3. C→ (Commissionary) → वह बड़े शहर जहां अंग्रेज केवल उस शहर पर कब्जा किए थे। (10) ।
4. D →(Union Terriotry)→केन्द्रशासित प्रदेश (1)
1. S. K. धर कमिटी →भाषाई आधार पर राज्यों के गठन के लिए सबसे पहला 1948 में S. K. धर आयोग का गठन किया गया किंतु इसने भाषा के आधार पर राज्यों के गठन का विरोध किया।
2. J. V. P. समिति (जवाहर लाल नेहरू, पताभी सिता रमैया, सरदार पटेल)→ इन्होंने भी भाषाई आधार पर राज्यों के गठन का विरोध किया।
1952 में तेलगू भाषा के लिए अलग राज्य के माँग करते हुए पेट्टू श्री रामलू भुख हड़ताल पर बैठ गया और 56 दिन के भूख हरताल के बाद इसकी मृत्यु हो गई फल स्वरूप जनता का विरोध बढ़ गया। फल स्वरूप नेहरू जी ने 01 of 1953 में मजबूर होकर तेलगू भाषा के लिए अलग राज्य आंध्रप्रदेश को अलग कर दिया अन्ततः यह भाषा के आधार पर गठित होने वाला पहला राज्य बना।
भाषायी आधार पर राज्यों को गठन के लिए 1953 में फजल अली आयोग का गठन किया गया। इसने अपनी रिर्पोट 1956 में दिया और भाषाई आधार पर राज्यों को कानुनी मान्यता दे दिया। इस आयोग के फल स्वरूप 7वां संविधान संशोधन 1956 में पारित हुआ।
इसके बाद A, B, C, D को रद्द करके भाषायी आधार पर 14 राज्य तथा 6 केन्द्रशासित प्रदेश बनाए गए।
0 Comments